Category Archives: Poetry

एक वर्ग की कहानी

सो गया जग सारा,
वर्ग सारा सो गया,
अध्यापिका पढ़ा गई,
कक्षा हीं सारी सो गई |

प्रबंधन की शाला में,
बालको का ध्यान बाला में,
मनमुग्ध करने की कला में,
हर विद्यार्थी खो गए |

हाजिरी की इंतज़ार हुई,
बातें कुछ दो चार हुई,
शिक्षक की डांट बेकार हुई,
यह पहर भी पार हुई|